कोरोना: यूरोपीय संघ ने 12-15 साल के बच्चों के लिए फ़ाइज़र वैक्सीन को दी मंज़ूरी





यूरोपीय संघ (ईयू) की मेडिकल एजेंसी ने 12-15 साल के बच्चों के लिए फ़ाइज़र-बायोएनटेक की वैक्सीन को मंज़ूरी दे दी है.

कोविड-19 के लिए इस आयु वर्ग में मंज़ूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है.

अब ईयू के सदस्य देशों को यह तय करना होगा कि वो अपने यहाँ बच्चों को वैक्सीन लगाना चाहते हैं या नहीं.

जर्मनी ने बच्चों और किशोंरो के लिए वैक्सीन को हरी झंडी दे दी है. अमेरिका और कनाडा पहले ही किशोरों के लिए फ़ाइज़र वैक्सीन को मंज़ूरी दे चुके हैं.

यूरोपीय संघ की यह घोषणा शुक्रवार को ऐसे समय में आई है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोप से वैक्सीन लगाने की गति में तेज़ी लाने को कहा है.

डब्लूएचओ के निदेशक (यूरोप) हांस क्लूगी ने चेताया है कि जब तक यूरोप अपनी 70% आबादी को वैक्सीन नहीं लगा लेता, महामारी ख़त्म नहीं होगी.

बच्चों में साइड इफ़ेक्ट को लेकर चिंता की बात नहीं'

ईयू मेडिसिन एजेंसी में वैक्सीन रणनीति के प्रमुख मैक्रो कवालेरी ने बताया कि 12-15 साल आयु वर्ग के बच्चों को कम से कम तीन हफ़्तों के अंतराल पर वैक्सीन की दो डोज़ दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि फ़ाइज़र की वैक्सीन बच्चों में कोविड-19 रोकने में ‘काफ़ी प्रभावी’ साबित हुई है.

कवालेरी ने कहा, “सुरक्षा की दृष्टि से भी यह वैक्सीन बच्चों के लिए काफ़ी हद तक उपयुक्त है. बच्चों में भी इसके साइड इफ़ेक्ट्स वैसे ही हैं जैसे वयस्कों में और इसे लेकर अब तक कोई गंभीर चिंता वाली बात सामने नहीं आई है.”

यूरोपीय संघ ने 16 साल के ज़्यादा उम्र वालों के लिए फ़ाइज़र की वैक्सीन को पहले ही मंज़ूरी दे दी थी.

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