सबसे बढ़िया करोना टीका

 करोना के कई प्रकार के टीके उपलब्ध हैं,कई भारत में बने है तो कई भारत के बाहर बने है। 



Covaxin(कोवैसिन)

Covaxin भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सेन है जो निष्क्रिय किए हुए वायरस से बनी है।

विशेषता 

वैक्सिंग से बचाव 78% -85%

स्टोर करने मैं आसान (2 से 8डिग्री)

नुकसान 

कम उपल्धता।

तेज या हल्का बुखार।

सुई वाले स्थान पर सूजन।

कुछ लोगो मे सीवियर रिएक्शन।

Dose(डोज)

दो।

(पहले इंजेक्शन के 4 से 6 हफ्ते बाद दूसरा इंजेक्शन)



कोविशिल्ड

निर्माता/डेवलपर: AstraZenecaसीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया 

वैक्सीन प्रकारनॉन-रिप्लिकेटिंग वायरल वेक्टर ।

विशेषता 

असरदार :ब्रिटेन में Pfizer या AstraZeneca वैक्सीन की एक खुराक के बाद 96% लोगों में ऐंटीबॉडी विकसित हुईं। ताजा डेटा में यह बात सामने आई है। ब्रिटेन और वेल्स में 8,517 लोगों में से 96.42% लोगों में पहली खुराक के बाद 28-34 दिन पर वायरस से लड़ने वाले प्रोटीन बनने लगते हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की रिसर्च में पता चला है कि दोनों वैक्सीन में से किसी की भी दूसरी खुराक के बाद 99% लोगों में 14 दिन के बाद ऐंटीबॉडी दिखने लगी।

सावधानी: ज्यादा अंतराल से ज्यादा असरदार

पिछले हफ्ते एक स्टडी में पाया गया था कि फाइजर की वैक्सीन की दूसरी खुराक 12 हफ्ते बाद लगने से बुजुर्गों में ऐंटीबॉडी 3.5 गुना ज्यादा रहीं। दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए भारत में AstraZeneca (Covishield) की वैक्सीन की दोनों खुराक के बीच समय 12-16 हफ्ते कर दिया गया, जबकि ब्रिटेन में इसे घटाकर 8 हफ्ते कर दिया गया। तेजी से फैल रहे मामलों के मद्देनजर यह फैसला किया गया।

Dose(डोज)

दो।

(पहले इंजेक्शन के आठ से 16 हफ्तों के बाद दूसरा इंजेक्शन)

बुरा प्रभाव 

खून का थक्का जमना की संभावना (0.1%)।

हल्का या तेज बुखार।

वैक्सीन वाली स्थान पर दर्द और सूजन।



Sputnik V वैक्सीन

वैक्सीन प्रकार: नॉन-रिप्लिकेटिंग वायरल वेक्टर

निर्माता: Gamaleya Research Institute, रूसी संस्थान 

विशेषता

सबसे अधिक असरदार लगभग( 90-95%)।

दो अलग प्रकार के स्टेन का पयोग करना।

जून से निजी अस्पताल अपोलो में 1200 रुपए में उपलब्ध।

सावधानी 

 बीमार व्यक्ति इसे मत लगाएं।

4 से 6 हफ्ते का अंतर ।

Dose(डोज)

दो ।



साईड इफेक्ट

हल्का या तेज बुखार।

सिर में दर्द।

सुई वाली जगह पर सूजन।















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